समलैंगिक संबंधों पर एक ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अपराध नहीं है.
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एपी शाह और न्यायाधीश एस मुरलीधर ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 वैध नहीं है.
ये 148 साल पुराना क़ानून है जिसके तहत समलैंगिकता के लिए दस साल तक की क़ैद की सज़ा हो सकती है.
नाज़ फ़ाउंडेशन की ओर से ये जनहित याचिका वर्ष 2001 में दायर की गई थी जिसमें आईपीसी की धारा 377 को चुनौती दी गई थी.
हमारे विचार में भारतीय संविधान के अनुसार आपराधिक क़ानून की किसी धारा की ग़लत समझ के कारण संविधान को ताक पर नहीं रखा जा सकता. हम ये भूल नहीं सकते कि भेदभाव बराबरी के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है और किसी व्यक्ति का आत्मसम्मान समानता के कारण ही आता है
दिल्ली उच्च न्यायालय
नाज़ फ़ाउंडेशन ने इस आदेश का स्वागत किया है और फ़ाउंडेशन के बयान के अनुसार इसके आधार पर आपसी रज़ामंदी पर आधारित समलैंगिक यौन संबंध अब अपराध नहीं हैं.
बराबरी और आत्मसम्मान
न्यायालय का तर्क था कि आईपीसी की धारा 377 से नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
अदालत का कहना था कि आईपीसी धारा 377 से संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है जो हर नागरिक को ज़िंदगी और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है.
इस तरह से सात साल से चल रहे इस मामले में अदालत ने वयस्कों के बीच समलैंगिक संबधों को मान्यता दे दी है.
न्यायालय ने कहा है कि जब तक संसद इस क़ानून में संशोधन नहीं करती तब तक ये आदेश लागू रहेगा.
ये भारत का स्टोनवॉल है. हम ख़ुश हैं. हमें जिन मौलिक और नागरिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा था, अब हम उनके हक़दार बन गए हैं. इससे हमारा न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ है
समलैंगिकों के अधिकारों के पक्षधर, वकील आदित्य बंदोपाध्याय
न्यायालय का कहना था, "हमारे विचार में भारतीय संविधान के अनुसार आपराधिक क़ानून की किसी धारा की ग़लत समझ के कारण संविधान को ताक पर नहीं रखा जा सकता."
न्यायालय ने कहा, "हम ये भूल नहीं सकते कि भेदभाव बराबरी के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है और किसी व्यक्ति का आत्मसम्मान समानता के कारण ही आता है."
अमरीका के न्यूयॉर्क में वर्ष 1969 में दंगे भड़के थे और इन घटनाओं को समलैंगिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष की बुनियाद माना जाता है.
वकील और समलैंगिकों के अधिकारों के पक्षधर आदित्य बंदोपाध्याय ने बीबीसी को बताया, "ये भारत का स्टोनवॉल है. हम ख़ुश हैं. हमें जिन मौलिक और नागरिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा था, अब हम उनके हक़दार बन गए हैं. इससे हमारा न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ है."
Thursday, July 2, 2009
भारतीय संसद का बजट सत्र शुरु
भारतीय संसद का बजट सत्र शुरु हो गया है. पंद्रहवीं लोकसभा के कार्यकाल का ये पहला बजट सत्र है.
लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट के साये में शुरू हुए इस बजट सत्र से पहले राजनीतिक दलों ने एकजुटता के साथ सदन की कार्यवाही को चलने देने का वादा किया है.
पर विशेषज्ञों का मानना है कि बाबरी विध्वंस पर रिपोर्ट का 17 साल बाद पूरा होकर सामने आना एक मुद्दा बनकर उछल सकता है.
गुरुवार को सदन में भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाना है जिसमें सरकार के लाभ और घाटे का लेखाजोखा सामने लाया जाएगा.
इसके बाद तीन जुलाई को रेल मंत्री ममता बनर्जी रेल बजट पेश करेंगी.
रेल बजट पर लोगों की नज़र भी है और वे देखना चाहते हैं कि ममता लालू प्रसाद से कितना अलग और कैसा बजट लोगों के सामने रखती हैं.
कैसा होगा आम बजट
पर सबकी नज़रें आम बजट पर टिकी हैं. आम लोगों की जिज्ञासा है कि क्या वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आम आदमी की पसंद और सहूलियत वाला बजट दे पाने में सक्षम होंगे.
सरकार के बजट को लेकर इसलिए भी उत्सुकता है क्योंकि बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले तेल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है.
पर कुछ क्षेत्रों में लोग राहत की भी उम्मीद लगाए बैठे हैं.
इसके अलावा बजट सत्र के साथ-साथ लोगों का ध्यान सरकार के विभागवार 100 दिन के कार्यक्रम को लागू करने के प्रयासों पर भी होगी.
सरकार महिला आरक्षण बिल और खाद्य सुरक्षा क़ानून जैसे वादे भी लोगों से कर चुकी है और उनकी चर्चा भी इस बजट सत्र के दौरान सदन में गरमाहट पैदा कर सकती है.
लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट के साये में शुरू हुए इस बजट सत्र से पहले राजनीतिक दलों ने एकजुटता के साथ सदन की कार्यवाही को चलने देने का वादा किया है.
पर विशेषज्ञों का मानना है कि बाबरी विध्वंस पर रिपोर्ट का 17 साल बाद पूरा होकर सामने आना एक मुद्दा बनकर उछल सकता है.
गुरुवार को सदन में भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाना है जिसमें सरकार के लाभ और घाटे का लेखाजोखा सामने लाया जाएगा.
इसके बाद तीन जुलाई को रेल मंत्री ममता बनर्जी रेल बजट पेश करेंगी.
रेल बजट पर लोगों की नज़र भी है और वे देखना चाहते हैं कि ममता लालू प्रसाद से कितना अलग और कैसा बजट लोगों के सामने रखती हैं.
कैसा होगा आम बजट
पर सबकी नज़रें आम बजट पर टिकी हैं. आम लोगों की जिज्ञासा है कि क्या वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आम आदमी की पसंद और सहूलियत वाला बजट दे पाने में सक्षम होंगे.
सरकार के बजट को लेकर इसलिए भी उत्सुकता है क्योंकि बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले तेल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है.
पर कुछ क्षेत्रों में लोग राहत की भी उम्मीद लगाए बैठे हैं.
इसके अलावा बजट सत्र के साथ-साथ लोगों का ध्यान सरकार के विभागवार 100 दिन के कार्यक्रम को लागू करने के प्रयासों पर भी होगी.
सरकार महिला आरक्षण बिल और खाद्य सुरक्षा क़ानून जैसे वादे भी लोगों से कर चुकी है और उनकी चर्चा भी इस बजट सत्र के दौरान सदन में गरमाहट पैदा कर सकती है.
Wednesday, May 13, 2009
चरमपंथियों से हर तरीके से निपटेंगे: ज़रदारी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने ब्रितानी प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन के साथ वार्ता में कहा कि उनका देश चरमपंथियों से हर तरीक़े से निपटेगा.
बातीचत में ब्राउन ने चरमपंथियों को परास्त करने में पाकिस्तानी सेना की कोशिशों की तारीफ़ की.
राष्ट्रपति ज़रदारी को बीते हफ़्तों में अमरीका की तीखी आलोचना झेलनी पड़ी है. अमरीकी नेता और सैनिक कमांडर पाकिस्तान पर चरमपंथियों से सीधा मुक़ाबला नहीं करने का आरोप मढ़ते रहे हैं.
ऐसे में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अमरीका से रिश्ते सुधारने के लिए ब्रिटेन का रुख़ किया है. और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने ज़रदारी के साथ खड़ा होने का सबूत देकर कर उनकी अपेक्षाओं को कुछ हद तक पूरा भी किया.
बुधवार को ज़रदारी से बातचीत के बाद ब्राउन ने स्वात में सैनिक कार्रवाई के कारण पलायन करने को मजबूर लोगों की आपात सहायता के लिए पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि स्वात में अपने घरों से भागने के लिए विवश लाखों लोगों में से एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो अपनी बुरी हालत के लिए सरकार को दोष देते हैं.
साझा प्रयास
ब्राउन ने कहा कि आतंकवाद को परास्त करने के लिए ब्रिटेन और पाकिस्तान मिल कर काम करेंगे.
ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे
गोर्डन ब्राउन
ब्राउन ने कहा, "ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे."
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ज़रदारी ने कहा कि उन्हें पता था कि तालेबान और अन्य चरमपंथियों से लड़ाई में पाकिस्तान, ब्रिटेन से सहायता की अपेक्षा कर सकता है.
आतंकवाद को एक बड़ी चुनौती बताते हुए ज़रदारी ने कहा, "ये इक्कीसवीं सदी की चुनौती है. हमें इसे स्वीकार करना ही होगा. ये चुनौती जल्दी ख़त्म नहीं होने जा रही है. ये लंबे समय तक रहेगी. हमारी जीवन शैली पर ख़तरा बनी इस चुनौती का हम दोनों देश मिल कर सामना करेंगे."
प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने पाकिस्तान को लगभग सवा करोड़ पाउंड की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा भले ही की हो, लेकिन अमरीका की तरह ही ब्रिटेन भी इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान की सरकार कमज़ोर है. पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा कर सिर्फ़ उम्मीद ही की जा सकती है कि वहाँ की सरकार चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के साथ-साथ विकास कार्यों में भी तेज़ी लाएगी. ताकि पाकिस्तान की जनता को लोकतंत्र, चरमपंथी विचारधारा से कहीं ज़्यादा आकर्षक लगने लगे
बातीचत में ब्राउन ने चरमपंथियों को परास्त करने में पाकिस्तानी सेना की कोशिशों की तारीफ़ की.
राष्ट्रपति ज़रदारी को बीते हफ़्तों में अमरीका की तीखी आलोचना झेलनी पड़ी है. अमरीकी नेता और सैनिक कमांडर पाकिस्तान पर चरमपंथियों से सीधा मुक़ाबला नहीं करने का आरोप मढ़ते रहे हैं.
ऐसे में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अमरीका से रिश्ते सुधारने के लिए ब्रिटेन का रुख़ किया है. और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने ज़रदारी के साथ खड़ा होने का सबूत देकर कर उनकी अपेक्षाओं को कुछ हद तक पूरा भी किया.
बुधवार को ज़रदारी से बातचीत के बाद ब्राउन ने स्वात में सैनिक कार्रवाई के कारण पलायन करने को मजबूर लोगों की आपात सहायता के लिए पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि स्वात में अपने घरों से भागने के लिए विवश लाखों लोगों में से एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो अपनी बुरी हालत के लिए सरकार को दोष देते हैं.
साझा प्रयास
ब्राउन ने कहा कि आतंकवाद को परास्त करने के लिए ब्रिटेन और पाकिस्तान मिल कर काम करेंगे.
ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे
गोर्डन ब्राउन
ब्राउन ने कहा, "ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे."
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ज़रदारी ने कहा कि उन्हें पता था कि तालेबान और अन्य चरमपंथियों से लड़ाई में पाकिस्तान, ब्रिटेन से सहायता की अपेक्षा कर सकता है.
आतंकवाद को एक बड़ी चुनौती बताते हुए ज़रदारी ने कहा, "ये इक्कीसवीं सदी की चुनौती है. हमें इसे स्वीकार करना ही होगा. ये चुनौती जल्दी ख़त्म नहीं होने जा रही है. ये लंबे समय तक रहेगी. हमारी जीवन शैली पर ख़तरा बनी इस चुनौती का हम दोनों देश मिल कर सामना करेंगे."
प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने पाकिस्तान को लगभग सवा करोड़ पाउंड की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा भले ही की हो, लेकिन अमरीका की तरह ही ब्रिटेन भी इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान की सरकार कमज़ोर है. पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा कर सिर्फ़ उम्मीद ही की जा सकती है कि वहाँ की सरकार चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के साथ-साथ विकास कार्यों में भी तेज़ी लाएगी. ताकि पाकिस्तान की जनता को लोकतंत्र, चरमपंथी विचारधारा से कहीं ज़्यादा आकर्षक लगने लगे
दिल्ली डेयरडेविल्स सेमीफ़ाइनल में
रजत भाटिया की शानदार गेंदबाज़ी के बूते दिल्ली डेयरडेविल्स ने आईपीएल के मुक़ाबले में डेक्कन चार्जर्स को 12 रनों से हरा कर सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली.
टॉस जीत कर डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने पहले फ़ील्डिंग का फ़ैसला किया लेकिन ये सही साबित नहीं हुआ.
दिल्ली डेयरडेविल्स ने निर्धारित बीस ओवरों में 173 रन बनाए जिसके जवाब में डेक्कन चार्जर्स की पूरी टीम 161 रन बनाकर आउट हो गई.
डेयरडेविल्स की ओर से चार विकेट चटकाने वाले रजत भाटिया को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.
डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाज़ों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की.
पहले गिलक्रिस्ट का धमाल और उसके बाद एंड्र्यू साइमंड्स का कमाल ही हैदराबाद को जीत दिलाने में काफ़ी लग रहा था लेकिन आख़िरी कुछ ओवरों में आशीष नेहरा और रजत भाटिया की कसी हुई गेंदबाज़ी ने पासा पलट दिया.
ओपनर टी सुमन का विकेट तीसरे ओवर में गिरा. उस समय गिलक्रिस्ट शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे थे. सुमन के बाद वॉर्नर भी सस्ते में चलते बने लेकिन उसके बाद आर तेजा ने गिली का साथ दिया. दोनों पारी को 86 तक ले गए.
तभी गिलक्रिस्ट 64 के निजी स्कोर पर प्रदीप सांगवान की गेंद पर बोल्ड हो गए। फिर तेजा को नैन्स ने आउट कर दिया. अगले ही ओवर में साइमंड्स भी बोल्ड हो गए. भाटिया की इस एक विकेट ने मैच पलट दिया.
इससे पहले एबी डीविलियर्स और दिनेश कार्तिक की धमाकेदार पारियों की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स ने 173 रन बनाए.
रजत भाटिया ने डेल्ही को जीत दिलाई
शुरुआत ख़राब रही और दूसरे ही ओवर में डेविड वॉर्नर आउट हो गए लेकिन तिलकरत्ने दिलशान ने छोर संभाला.
दिलशान ने 18 गेंदों पर 37 रन की तेज़ पारी खेलकर अपना विकेट खो दिया. उन्होंने सात चौके और एक छक्का लगाकर टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ा दिया.
दिलशान के काम को डीविलियर्स ने आगे बढ़ाया. इस बीच गंभीर सिर्फ 19 रन बनाकर आउट हो गए.
टीम में वापसी कर रहे कप्तान वीरेंदर सहवाग फिर नहीं चल पाए और महज 11 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए.
डीविलियर्स ने 36 गेंदों पर 44 रन की पारी खेली. उनके काम को आगे बढ़ाया दिनेश कार्तिक ने.
उन्होंने 23 गेंदों पर 44 रन बना डाले जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल थे. हैदराबाद के लिए चामिंडा वास और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए
टॉस जीत कर डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने पहले फ़ील्डिंग का फ़ैसला किया लेकिन ये सही साबित नहीं हुआ.
दिल्ली डेयरडेविल्स ने निर्धारित बीस ओवरों में 173 रन बनाए जिसके जवाब में डेक्कन चार्जर्स की पूरी टीम 161 रन बनाकर आउट हो गई.
डेयरडेविल्स की ओर से चार विकेट चटकाने वाले रजत भाटिया को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.
डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाज़ों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की.
पहले गिलक्रिस्ट का धमाल और उसके बाद एंड्र्यू साइमंड्स का कमाल ही हैदराबाद को जीत दिलाने में काफ़ी लग रहा था लेकिन आख़िरी कुछ ओवरों में आशीष नेहरा और रजत भाटिया की कसी हुई गेंदबाज़ी ने पासा पलट दिया.
ओपनर टी सुमन का विकेट तीसरे ओवर में गिरा. उस समय गिलक्रिस्ट शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे थे. सुमन के बाद वॉर्नर भी सस्ते में चलते बने लेकिन उसके बाद आर तेजा ने गिली का साथ दिया. दोनों पारी को 86 तक ले गए.
तभी गिलक्रिस्ट 64 के निजी स्कोर पर प्रदीप सांगवान की गेंद पर बोल्ड हो गए। फिर तेजा को नैन्स ने आउट कर दिया. अगले ही ओवर में साइमंड्स भी बोल्ड हो गए. भाटिया की इस एक विकेट ने मैच पलट दिया.
इससे पहले एबी डीविलियर्स और दिनेश कार्तिक की धमाकेदार पारियों की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स ने 173 रन बनाए.
रजत भाटिया ने डेल्ही को जीत दिलाई
शुरुआत ख़राब रही और दूसरे ही ओवर में डेविड वॉर्नर आउट हो गए लेकिन तिलकरत्ने दिलशान ने छोर संभाला.
दिलशान ने 18 गेंदों पर 37 रन की तेज़ पारी खेलकर अपना विकेट खो दिया. उन्होंने सात चौके और एक छक्का लगाकर टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ा दिया.
दिलशान के काम को डीविलियर्स ने आगे बढ़ाया. इस बीच गंभीर सिर्फ 19 रन बनाकर आउट हो गए.
टीम में वापसी कर रहे कप्तान वीरेंदर सहवाग फिर नहीं चल पाए और महज 11 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए.
डीविलियर्स ने 36 गेंदों पर 44 रन की पारी खेली. उनके काम को आगे बढ़ाया दिनेश कार्तिक ने.
उन्होंने 23 गेंदों पर 44 रन बना डाले जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल थे. हैदराबाद के लिए चामिंडा वास और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए
Monday, May 11, 2009
अफ़ग़ानिस्तान: अमरीकी जनरल की छुट्टी
अमरीकी रक्षा मंत्री ने तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में नई सोच की ज़रूरत बताते हुए अफ़ग़ानिस्तान में तैनात एक शीर्ष सैन्य कमांडर से इस्तीफ़ा देने को कहा है.
रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने पुष्टि की कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात जनरल डेविड मैकीर्नन को बर्ख़ास्त किया जा रहा है. उन्हें अफ़ग़ानिस्तान गए एक साल से भी कम समय हुआ है.
उनकी जगह लेंगे जनरल स्टैनली मैक्रिस्टल. कहा जा रहा है कि इनके पास अफ़ग़ानिस्तान मे जारी संघर्ष की बेहतर जानकारी है.
ताज़ा फ़ैसला अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने और वहां रणनीतिक परिवर्तन करने के फ़ैसलों के साथ आया है.
जनरल मैकीर्नन के रहते अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई.
उनकी जगह लेने वाले जनरल स्टैनली फिलहाल अमरीकी ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के निदेशक हैं.
रॉबर्ट गेट्स ने इस बदलाव का कारण बताते हुए कहा कि नई रणनीति और नए राजदूत के साथ-साथ सैन्य नेतृत्व में भी परिवर्तन करने की ज़रूरत थी. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है. संवाददाताओं का कहना है कि जनरल स्टैनली चरमपंथ विरोधी रणनीति के माहिर हैं.
रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने पुष्टि की कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात जनरल डेविड मैकीर्नन को बर्ख़ास्त किया जा रहा है. उन्हें अफ़ग़ानिस्तान गए एक साल से भी कम समय हुआ है.
उनकी जगह लेंगे जनरल स्टैनली मैक्रिस्टल. कहा जा रहा है कि इनके पास अफ़ग़ानिस्तान मे जारी संघर्ष की बेहतर जानकारी है.
ताज़ा फ़ैसला अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने और वहां रणनीतिक परिवर्तन करने के फ़ैसलों के साथ आया है.
जनरल मैकीर्नन के रहते अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई.
उनकी जगह लेने वाले जनरल स्टैनली फिलहाल अमरीकी ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के निदेशक हैं.
रॉबर्ट गेट्स ने इस बदलाव का कारण बताते हुए कहा कि नई रणनीति और नए राजदूत के साथ-साथ सैन्य नेतृत्व में भी परिवर्तन करने की ज़रूरत थी. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है. संवाददाताओं का कहना है कि जनरल स्टैनली चरमपंथ विरोधी रणनीति के माहिर हैं.
राजस्थान रॉयल्स की करारी हार
सोमवार को खेले गए एकमात्र आईपीएल मुक़ाबले में डेक्कन चार्जर्स ने राजस्थान रॉयल्स को 53 रनों के भारी अंतर से हरा दिया.
पहले बैटिंग करते हुए डेक्कन चार्जर्स ने निर्धारित बीस ओवरों में सात विकेट पर 166 रन बनाए.
इसके जवाब में राजस्थान रॉयल्स की पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम बीसवें ओवर में 113 रन बनाकर आउट हो गई.
रॉयल्स की शुरुआत ही ख़राब रही जब ग्रेम स्मिथ एक रन बनाकर चामिंडा वास की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. उसके तुरंत बाद कार्सेल्डाइन आठ के निजी स्कोर पर चलते बने.
हालांकि एक ओर से छोड़ संभाले आस्नोडकर ने उम्मीद बनाई रखी लेकिन बाकी खिलाड़ी उनका साथ नहीं दे पाए.
आस्नोडकर ने 39 गेंदों पर 44 रन बनाकर रन आउट हो गए. उनके अलावा सिर्फ़ नमन ओझा और रवींद्र जडेजा ही दहाईं का आँकड़ा पार कर सके.
स्मिथ की बैटिंगइससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने टॉस जीत कर बल्लेबाज़ी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन एडम गिलक्रिस्ट दस रन बनाकर यूसुफ़ पठान के शिकार बने. टी सुमन ने अच्छा फ़ॉर्म बरक़रार रखते हुए 19 गेंदों पर 29 रन बनाए. उन्हें त्रिवेदी ने आउट किया.
मध्य क्रम में एंड्र्यू साइमंड्स ने 19 गेंदों पर 30 रनों की धुआँधार पारी खेली और ड्वेन स्मिथ ने 47 रन बनाकर टीम का स्कोर 166 रन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई. निचले क्रम में चामिंडा वास और वेणुगोपाल राव ने भी हाथ भी दिखाए. वास ने 20 और राव ने 12 बनाए.
पहले बैटिंग करते हुए डेक्कन चार्जर्स ने निर्धारित बीस ओवरों में सात विकेट पर 166 रन बनाए.
इसके जवाब में राजस्थान रॉयल्स की पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम बीसवें ओवर में 113 रन बनाकर आउट हो गई.
रॉयल्स की शुरुआत ही ख़राब रही जब ग्रेम स्मिथ एक रन बनाकर चामिंडा वास की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. उसके तुरंत बाद कार्सेल्डाइन आठ के निजी स्कोर पर चलते बने.
हालांकि एक ओर से छोड़ संभाले आस्नोडकर ने उम्मीद बनाई रखी लेकिन बाकी खिलाड़ी उनका साथ नहीं दे पाए.
आस्नोडकर ने 39 गेंदों पर 44 रन बनाकर रन आउट हो गए. उनके अलावा सिर्फ़ नमन ओझा और रवींद्र जडेजा ही दहाईं का आँकड़ा पार कर सके.
स्मिथ की बैटिंगइससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने टॉस जीत कर बल्लेबाज़ी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन एडम गिलक्रिस्ट दस रन बनाकर यूसुफ़ पठान के शिकार बने. टी सुमन ने अच्छा फ़ॉर्म बरक़रार रखते हुए 19 गेंदों पर 29 रन बनाए. उन्हें त्रिवेदी ने आउट किया.
मध्य क्रम में एंड्र्यू साइमंड्स ने 19 गेंदों पर 30 रनों की धुआँधार पारी खेली और ड्वेन स्मिथ ने 47 रन बनाकर टीम का स्कोर 166 रन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई. निचले क्रम में चामिंडा वास और वेणुगोपाल राव ने भी हाथ भी दिखाए. वास ने 20 और राव ने 12 बनाए.
लोकसभा चुनाव के आख़िरी चरण की जंग
लोक सभा चुनाव के अंतिम चरण में 13 मई को मतदान होना है. इस चरण में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर है.
सोमवार को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था और इस दिन सभी बड़े नेताओं प्रचार पर पूरा ज़ोर लगाया.
इस दौर में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर, सड़क परिवहन मंत्री टीआर बालू, संचार मंत्री ए राजा, फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के भाग्य का फ़ैसला होना है.
इस अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत से वरुण गांधी, आंवला से मेनका गांधी, रामपुर से जयाप्रदा, बदायूं से सलीम शेरवानी और मुरादाबाद से पूर्व क्रिकेटर अज़हरूद्दीन के भाग्य का भी निर्णय होगा.
राजनीतिक पंडितों की नज़र पीलीभीत पर लगी है. इस सीट से वरुण गांधी चुनाव मैदान में हैं. वरुण गांधी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं इसलिए उनकी सीट पर सबकी निगाहें हैं.
साथ ही दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की ओर भी सभी लोगों की नज़रें टिकी हैं. राज्य में सभी सीटों पर एकसाथ पाँचवें चरण में ही मतदान होना है.
यहाँ करुणानिधि बनाम जयललिता की लड़ाई और उसमें श्रीलंका के तमिल नागरिकों की स्थिति पर हो रही राजनीति चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगी.
हिमांचल और उत्तराखंड की संसदीय सीटों के लिहाज से भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है. कम सीटों वाले ये राज्य सत्ता के लिए गठबंधन के समीकरणों में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
पूरा ज़ोर
चुनाव प्रचार के लिए अंतिम दिन सभी राजनीतिक दल पूरा ज़ोर लगाकर मतदाताओं को रिझाते नज़र आए.
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी चर्चा के केंद्र में रहे
मुख्य गतिविधियों का केंद्र बना पंजाब जहाँ लुधियाना में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रचार करने पहुँचे तो अमृतसर में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी.
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि एनडीए में फूट पड़ती नज़र आ रही है और यूपीए फिर सरकार बनाने की स्थिति में है. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने के प्रयास में नाराज़ दलों को मनाया जा सकता है.
वहीं लालकृष्ण आडवाणी ने अमृतसर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 16 तारीख़ का दिन एनडीए का होगा और सरकार एनडीए की ही बनेगी.
वहीं लालू प्रसाद यादव और भाजपा के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का क्रम जारी रहा. दोनों ने एक दूसरे को असफल और हारा हुआ बताकर एक दूसरे पर राजनीतिक निशाना साधा.
उल्लेखनीय है कि 15वीं लोक सभा के लिए पाँच चरणों में होने वाले चुनाव के अंतिम चरण यानी 13 मई को नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल 86 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे.
इस चरण में हिमाचल प्रदेश की चार, जम्मू कश्मीर की दो, पंजाब की नौ, तमिलनाडु की 39, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 11, उत्तराखंड की पांच, चंडीगढ़ और पाँडिचेरी की एक-एक सीट के लिए फ़ैसला होना है
सोमवार को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था और इस दिन सभी बड़े नेताओं प्रचार पर पूरा ज़ोर लगाया.
इस दौर में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर, सड़क परिवहन मंत्री टीआर बालू, संचार मंत्री ए राजा, फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के भाग्य का फ़ैसला होना है.
इस अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत से वरुण गांधी, आंवला से मेनका गांधी, रामपुर से जयाप्रदा, बदायूं से सलीम शेरवानी और मुरादाबाद से पूर्व क्रिकेटर अज़हरूद्दीन के भाग्य का भी निर्णय होगा.
राजनीतिक पंडितों की नज़र पीलीभीत पर लगी है. इस सीट से वरुण गांधी चुनाव मैदान में हैं. वरुण गांधी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं इसलिए उनकी सीट पर सबकी निगाहें हैं.
साथ ही दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की ओर भी सभी लोगों की नज़रें टिकी हैं. राज्य में सभी सीटों पर एकसाथ पाँचवें चरण में ही मतदान होना है.
यहाँ करुणानिधि बनाम जयललिता की लड़ाई और उसमें श्रीलंका के तमिल नागरिकों की स्थिति पर हो रही राजनीति चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगी.
हिमांचल और उत्तराखंड की संसदीय सीटों के लिहाज से भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है. कम सीटों वाले ये राज्य सत्ता के लिए गठबंधन के समीकरणों में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
पूरा ज़ोर
चुनाव प्रचार के लिए अंतिम दिन सभी राजनीतिक दल पूरा ज़ोर लगाकर मतदाताओं को रिझाते नज़र आए.
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी चर्चा के केंद्र में रहे
मुख्य गतिविधियों का केंद्र बना पंजाब जहाँ लुधियाना में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रचार करने पहुँचे तो अमृतसर में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी.
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि एनडीए में फूट पड़ती नज़र आ रही है और यूपीए फिर सरकार बनाने की स्थिति में है. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने के प्रयास में नाराज़ दलों को मनाया जा सकता है.
वहीं लालकृष्ण आडवाणी ने अमृतसर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 16 तारीख़ का दिन एनडीए का होगा और सरकार एनडीए की ही बनेगी.
वहीं लालू प्रसाद यादव और भाजपा के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का क्रम जारी रहा. दोनों ने एक दूसरे को असफल और हारा हुआ बताकर एक दूसरे पर राजनीतिक निशाना साधा.
उल्लेखनीय है कि 15वीं लोक सभा के लिए पाँच चरणों में होने वाले चुनाव के अंतिम चरण यानी 13 मई को नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल 86 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे.
इस चरण में हिमाचल प्रदेश की चार, जम्मू कश्मीर की दो, पंजाब की नौ, तमिलनाडु की 39, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 11, उत्तराखंड की पांच, चंडीगढ़ और पाँडिचेरी की एक-एक सीट के लिए फ़ैसला होना है
Saturday, May 9, 2009
हिंदू रिवाज के मुताबिक नहीं होगा संस्कार
दविंदर घई चाहते हैं कि हिंदू रिवाज़ के मुताबिक खेल में अतिंम संस्कार हो
ब्रिटेन में हिंदू रीति रिवाजों के मुतबिक दाह संस्कार किए जाने की अनुमति माँगने वाले दविंदर घई लंदन हाई कोर्ट में मामला हार गए हैं.
न्यूकास्ल में रहने वाले 70 वर्षीय दविंदर को सिटी काउंसिल ने इस बात की इजाज़त नहीं दी थी कि उनका अंतिम संस्कार पारंपरिक हिंदू रिवाजों के मुताबिक खुले में किया जाए. दविंदर कहते हैं कि ये उनकी अंतिम इच्छा है.
दविंदर ने बाद में ऊपरी अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.
उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा था कि उनके धर्म में चिता जलाना आवश्यक है ताकि उन्हें मुक्ति मिल सके. दविंदर का कहना था कि वे 'इज़्ज़त' के साथ मरना चाहते हैं और नहीं चाहते कि उन्हें 'बक्से में बंद' कर दिया जाए.
एपी के मुताबिक जज ने कहा कि वहाँ चिता जलाना क़ानून के तहत मना है. जज का कहना था कि क़ानून मंत्री जैक स्ट्रा का तर्क है कि चिता जलाने से कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है और मानव शरीर को इस तरह जलाने को वो ठीक नहीं समझते.
जज का कहना था कि ये संवेदनशील मामला है लेकिन अदालत को चुने हुए प्रतिनिधियों की बातों का सम्मान करना होगा.
न्यूकास्ल सिटी काउंसिल का तर्क ये था कि शमशान घाट या क्रिमीटोरियम के बाहर मानव अवशेषों का जलाना 1902 के क्रेमिटोरियम एक्ट के तहत मना है.
अगर घई ये मुकदमा जीत गए होते तो ब्रिटेन में रहने वाले करीब पाँच लाख से ज़्यादा हिंदुओं के लिए ये ऐतिहासिक फ़ैसला होता.
ब्रिटेन में हिंदू रीति रिवाजों के मुतबिक दाह संस्कार किए जाने की अनुमति माँगने वाले दविंदर घई लंदन हाई कोर्ट में मामला हार गए हैं.
न्यूकास्ल में रहने वाले 70 वर्षीय दविंदर को सिटी काउंसिल ने इस बात की इजाज़त नहीं दी थी कि उनका अंतिम संस्कार पारंपरिक हिंदू रिवाजों के मुताबिक खुले में किया जाए. दविंदर कहते हैं कि ये उनकी अंतिम इच्छा है.
दविंदर ने बाद में ऊपरी अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.
उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा था कि उनके धर्म में चिता जलाना आवश्यक है ताकि उन्हें मुक्ति मिल सके. दविंदर का कहना था कि वे 'इज़्ज़त' के साथ मरना चाहते हैं और नहीं चाहते कि उन्हें 'बक्से में बंद' कर दिया जाए.
एपी के मुताबिक जज ने कहा कि वहाँ चिता जलाना क़ानून के तहत मना है. जज का कहना था कि क़ानून मंत्री जैक स्ट्रा का तर्क है कि चिता जलाने से कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है और मानव शरीर को इस तरह जलाने को वो ठीक नहीं समझते.
जज का कहना था कि ये संवेदनशील मामला है लेकिन अदालत को चुने हुए प्रतिनिधियों की बातों का सम्मान करना होगा.
न्यूकास्ल सिटी काउंसिल का तर्क ये था कि शमशान घाट या क्रिमीटोरियम के बाहर मानव अवशेषों का जलाना 1902 के क्रेमिटोरियम एक्ट के तहत मना है.
अगर घई ये मुकदमा जीत गए होते तो ब्रिटेन में रहने वाले करीब पाँच लाख से ज़्यादा हिंदुओं के लिए ये ऐतिहासिक फ़ैसला होता.
विस्थापितों की ज़रूरतों से निपटने में लगा प्रशासन
पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन स्वात से विस्थापित हुए करीब पाँच लाख लोगों की ज़रूरतों से निपटने के लिए तैयारी कर रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक स्वात से करीब दो लाख लोग विस्थापित हुए हैं और तीन लाख लोग इलाका छोड़ने की तैयारी में हैं या भटक रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ये विश्व के सबसे बड़े विस्थापन संकटों में से एक बन सकता है.
वहीं पश्चिमोत्तर इलाक़े में अधिकारियों ने कहा है कि स्वात में तालेबान के ख़िलाफ़ चल रहे ताज़ा अभियान में 140 से ज़्यादा चरमपंथी और सात सैनिक मारे गए हैं.
लेकिन सरकार के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि इलाक़ा छोड़ कर जा रहे लोगों को तालेबान रोकने की कोशिश कर रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बीबीसी को बताया है कि सैन्य अभियान का मकसद क्षेत्र को चरमपंथ से मुक्ति दिलाना है.
उनका कहना था, "हमने सुलह करने की कोशिश की, बात करने की कोशिश की, हाथ आगे बढ़ाया लेकिन सरकार को चुनौती देने की अनमुति हम उन्हें नहीं दे सकते."
सैन्य अभियान तेज़
हमने सुलह करने की कोशिश की, बात करने की कोशिश की, हाथ आगे बढ़ाया लेकिन सरकार को चुनौती देने की अनमुति हम उन्हें नहीं दे सकते
शाह महमूद क़ुरैशी
स्वात इलाक़े में लंबे समय से तनाव की स्थिति रही है.
राहतकर्मियों के अनुसार जो लोग हाल ही में स्वात छोड़कर गए हैं उन्हें बेहद जल्दबाज़ी में भागना पड़ा है, कई परिवारों के लोग अलग हो गए हैं और शिविरों में रह रहे लोग सकते में हैं.
स्थानीय लोग कहते हैं कि मुख्य लड़ाई स्वात के मिंगोरा,कबाल और चारबाग़ इलाक़ों में केंद्रित है. बुनेर से भी लड़ाई की ख़बरें हैं.
शुक्रवार को सेना ने चरमपंथियों को ठिकानों पर हवाई हमले किए थे.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अथर अब्बास ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि अभियान के ज़रिए सेना स्वात, बुनेर से करीब चार से पाँच हज़ार तालेबान लड़ाकों को खदेड़ना चाहती है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सरकार को उम्मीद है कि सैन्य अभियान का लोग समर्थन करेंगे लेकिन अगर आम नागरिकों बड़ी संख्या में हताहत होते हैं तो ये समर्थन घट सकता है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक स्वात से करीब दो लाख लोग विस्थापित हुए हैं और तीन लाख लोग इलाका छोड़ने की तैयारी में हैं या भटक रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ये विश्व के सबसे बड़े विस्थापन संकटों में से एक बन सकता है.
वहीं पश्चिमोत्तर इलाक़े में अधिकारियों ने कहा है कि स्वात में तालेबान के ख़िलाफ़ चल रहे ताज़ा अभियान में 140 से ज़्यादा चरमपंथी और सात सैनिक मारे गए हैं.
लेकिन सरकार के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि इलाक़ा छोड़ कर जा रहे लोगों को तालेबान रोकने की कोशिश कर रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बीबीसी को बताया है कि सैन्य अभियान का मकसद क्षेत्र को चरमपंथ से मुक्ति दिलाना है.
उनका कहना था, "हमने सुलह करने की कोशिश की, बात करने की कोशिश की, हाथ आगे बढ़ाया लेकिन सरकार को चुनौती देने की अनमुति हम उन्हें नहीं दे सकते."
सैन्य अभियान तेज़
हमने सुलह करने की कोशिश की, बात करने की कोशिश की, हाथ आगे बढ़ाया लेकिन सरकार को चुनौती देने की अनमुति हम उन्हें नहीं दे सकते
शाह महमूद क़ुरैशी
स्वात इलाक़े में लंबे समय से तनाव की स्थिति रही है.
राहतकर्मियों के अनुसार जो लोग हाल ही में स्वात छोड़कर गए हैं उन्हें बेहद जल्दबाज़ी में भागना पड़ा है, कई परिवारों के लोग अलग हो गए हैं और शिविरों में रह रहे लोग सकते में हैं.
स्थानीय लोग कहते हैं कि मुख्य लड़ाई स्वात के मिंगोरा,कबाल और चारबाग़ इलाक़ों में केंद्रित है. बुनेर से भी लड़ाई की ख़बरें हैं.
शुक्रवार को सेना ने चरमपंथियों को ठिकानों पर हवाई हमले किए थे.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अथर अब्बास ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि अभियान के ज़रिए सेना स्वात, बुनेर से करीब चार से पाँच हज़ार तालेबान लड़ाकों को खदेड़ना चाहती है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सरकार को उम्मीद है कि सैन्य अभियान का लोग समर्थन करेंगे लेकिन अगर आम नागरिकों बड़ी संख्या में हताहत होते हैं तो ये समर्थन घट सकता है.
Thursday, May 7, 2009
मतदान की आँखों देखी: संवाददाताओं की ज़ुबानी
भारत में 15वीं लोकसभा के चुनाव के चौथे चरण के लिए मतदान चल रहा है. देश के विभिन्न क्षेत्रों में फैले बीबीसी संवाददाता मतदान से जुड़ी हर जानकारी दे रहे हैं. मतदान का आँखों देखा हाल बीबीसी संवाददाताओं की ज़ुबानी:
राजस्थान में जयपुर से नारायण बारेठ
राजस्थान से नारायण बारेठ का ब्यौरा
राजस्थान में गर्मी का असर मतदान पर देखा जा रहा है. राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक़ सुबह 11 बजे तक 20 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था.
सवाई माधोपुर इलाक़े में बूथ लूटने का प्रयास कर रहे लोगों पर पुलिस को गोली चलानी पड़ी. इस गोलीबारी एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हो गया.
संवेदनशील मानी जाने वाली दौसा लोकसभा क्षेत्र में दो गुटों के बीच झड़पें हुई है. वहाँ सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. प्रशासन कमांडो कार्रवाई के लिए भी सतर्क है. मतदान केंद्रों की हवाई निगरानी की जा रही है.
आज शादियों का भी दिन है, इसलिए माना जा रहा है कि दोपहर बाद मतदान धीमा हो जाएगा.
ग्रामीण इलाक़ों के मतदाताओं में मतदान के लिए काफ़ी उत्साह देखा जा रहा है जबकि शहरी इलाक़ों के वोटरों में मतदान के ज़्यादा उत्साह नहीं है. ग्रमीण क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी हुई है.
पश्चिम बंगाल में हावड़ा से सुबीर भौमिक
पश्चिम बंगाल से सुबीर भौमिक का ब्यौरा
पश्चिम बंगाल में इस बार तृणमूल कांग्रेस वामदलों को कड़ी टक्कर दे रही है. हल्दिया लोकसभा क्षेत्र पर सबकी नज़रें हैं क्योंकि इसमें नंदीग्राम भी शामिल है.
नंदीग्राम और नैनूर में माकपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच छिटपुट झड़पें भी हुईं. इस दौरान बमबाज़ी और गोलीबारी भी हुई.
मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इतंज़ाम किए गए हैं और अर्धसैनिक बल तैनात हैं. मुर्शीदाबाद में रात में राजनीतिक पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़पें भी हुई हैं और एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
कोलकाता से सटे हावड़ा में सुबह से ही भारी तादाद में लोग वोट डालने पहुँच रहे हैं. सुबह साढ़े पाँच बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे.
महिलाएँ भी बड़ी संख्या में वोट डालने पहुँच रही हैं. तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने की कोशिश में लगे हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग वोट डालने आएँ.
इस बार कई फ़िल्मी सितारे भी चुनावी मैदान में है. बंगाली फ़िल्मों के अभिनेता तपस पाल चुनाव लड़ रहे हैं तो तृणमूल कांग्रेस ने अभिनेत्री शताबदी रॉय को उतारा है.
मतदाता राज्य में बंद पड़े कल-कारखानों और नैनो के राज्य से चले जाने से नाराज़ हैं और वे केवल परिवर्तन के लिए परिवर्तन चाहते हैं.
पश्चिम बंगाल में सिंगूर से मोहनलाल शर्मा
सिंगूर में सुबह से मतदान को लेकर काफ़ी उत्साह देखा जा रहा है. सुबह सात बजने से पहले ही लोगों की कतार देखने को मिलने लगीं. यहाँ पर नैनो विवाद के कारण किसानों की ज़मीन का मुद्दा अहम है.
उत्तर प्रदेश से रामदत्त त्रिपाठी
उत्तर प्रदेश से रामदत्त त्रिपाठी का ब्यौरा
उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है उन पर दोपहर एक बजे तक 29 फ़ीसद तक मतदान हो चुका था.
11 बजे तक सबसे अधिक मतदान मथुरा में 24 फ़ीसदी और सबसे कम फ़तेहपुर सीकरी में 12 फ़ीसदी हुआ है.
फ़तेहपुर सीकरी में फ़िल्म अभिनेता से नेता बने राजब्बर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं वहीं मथुरा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.
इटावा ज़िले के सैफई गाँव में मीडिया का जमावड़ा लगा रहा. सैफई सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का पैतृक गाँव है और वहाँ उन्होंने अपने परिवार के साथ मतदान किया.
सैफई के मतदान केंद्र ज़रूरत से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर मुलायम सिंह की चुनाव अधिकारी से बहस भी हुई.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और मतदाता पहचान पत्र न होने के कारण बहुत से लोग मतदान नहीं कर पाए.
उत्तर प्रदेश में आगरा से अविनाश दत्त
शहर के निम्न-मध्यवर्गीय इलाक़ों में स्थित मतदान केंद्रों पर मतदाता बड़ी संख्या में वोट डालने पहुँच रहे हैं. इन इलाक़ों में कई लोग अपने पूरे परिवार के साथ वोट देने पहुँचे.
आगरा के महिला कॉलेज में सुबह दस बजे तक 208 लोगों यानी की करीब पाँच फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया था.
मतदान केंद्रों से कुछ दूरी पर बने विभिन्न पार्टियों के पांडालों पर पर्चियाँ लेने के लिए लोगों की भीड़ है. लोगों में मतदान को लेकर काफ़ी उत्साह दिख रहा है.
आगरा संसदीय क्षेत्र के कई इलाक़े काफ़ी संवेदनशील हैं जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए हैं.
दिल्ली में चाँदनी चौक से सुशीला सिंह
दिल्ली के चाँदनी चौक इलाके में सुबह से ही काफ़ भीड़ भाड़ है हालांकि मतदान केंद्रों पर कमोबेश लोग कम ही हैं. गर्मी के कारण मतदान की गति पर असर पड़ सकता है. गर्मी से लोगों को राहत दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर पीने के पानी का इंतज़ाम किया है और शामियाने भी लगाए गए हैं.
जम्मू कश्मीर में श्रीनगर से अल्ताफ़ हुसैन
श्रीनगर से अल्ताफ़ हुसैन का ब्यौरा
श्रीनगर में गर्मी की तो समस्या नहीं है लेकिन यहाँ पृथकतावादी संगठनों के मतदान के बहिष्कार की जो अपील की है उसका व्यापक असर देखा जा रहा है.
निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक़ दोपहर 12 बजे तक श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में केवल 9.25 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.
सबसे कम मतदान श्रीनगर के हायरकद में हुआ जहाँ एक फ़ीसदी से भी कम लोगों ने वोट डाला वहीं सबसे अधिक मतदान चारशीर और कंगन में हुआ जहाँ क़रीब 25 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
बिहार संवाददाता मणिकांत ठाकुर
पटना से मणिकांत ठाकुर का ब्यौरा
बिहार में जिन तीन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. वहाँ मतदान की रफ़्तार काफ़ी धीमी है. दोपहर तक 20 से 25 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाले थे.
शहरी इलाक़ों के मुक़ाबले ग्रामीण इलाक़ों में मतदान के लिए ज़्यादा उत्साह देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ट्रेन पर सवार होकर वोट डालने के लिए नालंदा स्थित अपने पैतृक गाँव बख़्तियारपुर गए वहीं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने पूरे परिवार के साथ वोट डाला.
राजधानी पटना के एक मंदिर में लालू के समर्थक उनकी जीत के लिए रुद्राभिषेक यज्ञ और पूजा-पाठ कर रहे हैं.
पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे फ़िल्म अभिनेता शतुघ्न सिन्हा ने जहाँ मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के बीच मतदान किया वहीं शेखर सुमन अपने पिता की बीमारी की वजह से घर पर ही हैं.
शहर के कुछ रेस्टोंरेंटों, होटलों और कुछ अन्य दुकानों में मतदान करने की निशान दिखाने पर कुछ छूट देने की घोषणा की है.
बिहार में पटना साहिब से इक़बाल अहमद
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की क़तार तो नहीं दिख रही है लेकिन लोग मतदान कर रहे हैं. सड़कों पर भी लोग मतदान केंद्रों की ओर जाते हुए दिख रहे हैं.
प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए है और शहर की सभी दुकानें बंद हैं. इससे लोगों को काफ़ी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्हें खाने-पीने की चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं.
एक-दो दिन पहले तक गर्मी कुछ कम थी लेकिन आज धूप कुछ तेज़ है. इसका मतदान पर कुछ असर पड़ सकता है.
पंजाब से असित जौली
भटिंडा लोकसभा सीट से कांग्रेस विधायक मंगतराय बंसल और उनके कुछ समर्थकों के ख़िलाफ़ पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है.
मंगतराय बंसल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए मामले की राजनीति से प्रेरित बताया है.
राजस्थान में जयपुर से नारायण बारेठ
राजस्थान से नारायण बारेठ का ब्यौरा
राजस्थान में गर्मी का असर मतदान पर देखा जा रहा है. राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक़ सुबह 11 बजे तक 20 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था.
सवाई माधोपुर इलाक़े में बूथ लूटने का प्रयास कर रहे लोगों पर पुलिस को गोली चलानी पड़ी. इस गोलीबारी एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हो गया.
संवेदनशील मानी जाने वाली दौसा लोकसभा क्षेत्र में दो गुटों के बीच झड़पें हुई है. वहाँ सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. प्रशासन कमांडो कार्रवाई के लिए भी सतर्क है. मतदान केंद्रों की हवाई निगरानी की जा रही है.
आज शादियों का भी दिन है, इसलिए माना जा रहा है कि दोपहर बाद मतदान धीमा हो जाएगा.
ग्रामीण इलाक़ों के मतदाताओं में मतदान के लिए काफ़ी उत्साह देखा जा रहा है जबकि शहरी इलाक़ों के वोटरों में मतदान के ज़्यादा उत्साह नहीं है. ग्रमीण क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी हुई है.
पश्चिम बंगाल में हावड़ा से सुबीर भौमिक
पश्चिम बंगाल से सुबीर भौमिक का ब्यौरा
पश्चिम बंगाल में इस बार तृणमूल कांग्रेस वामदलों को कड़ी टक्कर दे रही है. हल्दिया लोकसभा क्षेत्र पर सबकी नज़रें हैं क्योंकि इसमें नंदीग्राम भी शामिल है.
नंदीग्राम और नैनूर में माकपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच छिटपुट झड़पें भी हुईं. इस दौरान बमबाज़ी और गोलीबारी भी हुई.
मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इतंज़ाम किए गए हैं और अर्धसैनिक बल तैनात हैं. मुर्शीदाबाद में रात में राजनीतिक पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़पें भी हुई हैं और एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
कोलकाता से सटे हावड़ा में सुबह से ही भारी तादाद में लोग वोट डालने पहुँच रहे हैं. सुबह साढ़े पाँच बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे.
महिलाएँ भी बड़ी संख्या में वोट डालने पहुँच रही हैं. तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने की कोशिश में लगे हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग वोट डालने आएँ.
इस बार कई फ़िल्मी सितारे भी चुनावी मैदान में है. बंगाली फ़िल्मों के अभिनेता तपस पाल चुनाव लड़ रहे हैं तो तृणमूल कांग्रेस ने अभिनेत्री शताबदी रॉय को उतारा है.
मतदाता राज्य में बंद पड़े कल-कारखानों और नैनो के राज्य से चले जाने से नाराज़ हैं और वे केवल परिवर्तन के लिए परिवर्तन चाहते हैं.
पश्चिम बंगाल में सिंगूर से मोहनलाल शर्मा
सिंगूर में सुबह से मतदान को लेकर काफ़ी उत्साह देखा जा रहा है. सुबह सात बजने से पहले ही लोगों की कतार देखने को मिलने लगीं. यहाँ पर नैनो विवाद के कारण किसानों की ज़मीन का मुद्दा अहम है.
उत्तर प्रदेश से रामदत्त त्रिपाठी
उत्तर प्रदेश से रामदत्त त्रिपाठी का ब्यौरा
उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है उन पर दोपहर एक बजे तक 29 फ़ीसद तक मतदान हो चुका था.
11 बजे तक सबसे अधिक मतदान मथुरा में 24 फ़ीसदी और सबसे कम फ़तेहपुर सीकरी में 12 फ़ीसदी हुआ है.
फ़तेहपुर सीकरी में फ़िल्म अभिनेता से नेता बने राजब्बर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं वहीं मथुरा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.
इटावा ज़िले के सैफई गाँव में मीडिया का जमावड़ा लगा रहा. सैफई सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का पैतृक गाँव है और वहाँ उन्होंने अपने परिवार के साथ मतदान किया.
सैफई के मतदान केंद्र ज़रूरत से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर मुलायम सिंह की चुनाव अधिकारी से बहस भी हुई.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और मतदाता पहचान पत्र न होने के कारण बहुत से लोग मतदान नहीं कर पाए.
उत्तर प्रदेश में आगरा से अविनाश दत्त
शहर के निम्न-मध्यवर्गीय इलाक़ों में स्थित मतदान केंद्रों पर मतदाता बड़ी संख्या में वोट डालने पहुँच रहे हैं. इन इलाक़ों में कई लोग अपने पूरे परिवार के साथ वोट देने पहुँचे.
आगरा के महिला कॉलेज में सुबह दस बजे तक 208 लोगों यानी की करीब पाँच फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया था.
मतदान केंद्रों से कुछ दूरी पर बने विभिन्न पार्टियों के पांडालों पर पर्चियाँ लेने के लिए लोगों की भीड़ है. लोगों में मतदान को लेकर काफ़ी उत्साह दिख रहा है.
आगरा संसदीय क्षेत्र के कई इलाक़े काफ़ी संवेदनशील हैं जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए हैं.
दिल्ली में चाँदनी चौक से सुशीला सिंह
दिल्ली के चाँदनी चौक इलाके में सुबह से ही काफ़ भीड़ भाड़ है हालांकि मतदान केंद्रों पर कमोबेश लोग कम ही हैं. गर्मी के कारण मतदान की गति पर असर पड़ सकता है. गर्मी से लोगों को राहत दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर पीने के पानी का इंतज़ाम किया है और शामियाने भी लगाए गए हैं.
जम्मू कश्मीर में श्रीनगर से अल्ताफ़ हुसैन
श्रीनगर से अल्ताफ़ हुसैन का ब्यौरा
श्रीनगर में गर्मी की तो समस्या नहीं है लेकिन यहाँ पृथकतावादी संगठनों के मतदान के बहिष्कार की जो अपील की है उसका व्यापक असर देखा जा रहा है.
निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक़ दोपहर 12 बजे तक श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में केवल 9.25 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.
सबसे कम मतदान श्रीनगर के हायरकद में हुआ जहाँ एक फ़ीसदी से भी कम लोगों ने वोट डाला वहीं सबसे अधिक मतदान चारशीर और कंगन में हुआ जहाँ क़रीब 25 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
बिहार संवाददाता मणिकांत ठाकुर
पटना से मणिकांत ठाकुर का ब्यौरा
बिहार में जिन तीन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. वहाँ मतदान की रफ़्तार काफ़ी धीमी है. दोपहर तक 20 से 25 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाले थे.
शहरी इलाक़ों के मुक़ाबले ग्रामीण इलाक़ों में मतदान के लिए ज़्यादा उत्साह देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ट्रेन पर सवार होकर वोट डालने के लिए नालंदा स्थित अपने पैतृक गाँव बख़्तियारपुर गए वहीं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने पूरे परिवार के साथ वोट डाला.
राजधानी पटना के एक मंदिर में लालू के समर्थक उनकी जीत के लिए रुद्राभिषेक यज्ञ और पूजा-पाठ कर रहे हैं.
पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे फ़िल्म अभिनेता शतुघ्न सिन्हा ने जहाँ मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के बीच मतदान किया वहीं शेखर सुमन अपने पिता की बीमारी की वजह से घर पर ही हैं.
शहर के कुछ रेस्टोंरेंटों, होटलों और कुछ अन्य दुकानों में मतदान करने की निशान दिखाने पर कुछ छूट देने की घोषणा की है.
बिहार में पटना साहिब से इक़बाल अहमद
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की क़तार तो नहीं दिख रही है लेकिन लोग मतदान कर रहे हैं. सड़कों पर भी लोग मतदान केंद्रों की ओर जाते हुए दिख रहे हैं.
प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए है और शहर की सभी दुकानें बंद हैं. इससे लोगों को काफ़ी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्हें खाने-पीने की चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं.
एक-दो दिन पहले तक गर्मी कुछ कम थी लेकिन आज धूप कुछ तेज़ है. इसका मतदान पर कुछ असर पड़ सकता है.
पंजाब से असित जौली
भटिंडा लोकसभा सीट से कांग्रेस विधायक मंगतराय बंसल और उनके कुछ समर्थकों के ख़िलाफ़ पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है.
मंगतराय बंसल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए मामले की राजनीति से प्रेरित बताया है.
कुछ जगहों पर हिंसा के बीच मतदान जारी
चौथे चरण के चुनाव में 85 सीटों पर मतदान होना है
भारत में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान गुरुवार सुबह सात बजे से देश के आठ राज्यों में जारी है. अभी तक मतदान धीमा ही रहा है.
चौथे चरण में लोकसभा की 85 सीटों पर चुनाव हो रहा है और 1315 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें से 119 महिलाएँ हैं.
इस चरण में जिन प्रमुख नेताओं के राजनीतिक भाग्य का फ़ैसला होगा उनमें भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव प्रमुख हैं.
इसके अलावा नेशनल कॉन्फ़्रेंस के फ़ारुक़ अब्दुल्ला (श्रीनगर), कांग्रेस के कपिल सिब्बल (चांदनी चौक), सचिन पायलट (अजमेर), शेखर सुमन और शत्रुघ्न सिन्हा (पटना साहिब), भजन लाल (हिसार), अजित सिंह (बागपत). उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एटा से समाजवादी पार्टी के समर्थन के साथ चुनाव मैदान में हैं.
पश्चिम बंगाल में हावड़ा से बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने बताया है कि वहाँ सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं और सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. मुर्शीदाबाद में हुई चुनावी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
वहीं बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा के मुताबिक सिंगूर में भी पुलिस पूरी चौकसी बरत रही है.
राजस्थान में पुलिस के मुताबिक बूथ पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे कुछ लोगों पर उसे गोली चलानी पड़ी जिसमे एक व्यक्ति की मौत हो गई.
कुछ अहम आंकड़े
दिल्ली में भी मतदान चल रहा है लेकिन गति अभी धीमी है. बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह चांदनी चौक में मौजूद हैं. उन्होंने बताया है कि गर्मी से राहत के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर पानी और शामियाने की व्यवस्था की है.
दिल्ली में प्रियंका गांधी ने सुबह-सुबह जाकर अपना वोट डाला. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
जबकि श्रीनगर में बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि वहाँ पृथकतावादी संगठनों के आह्वान के कारण मतदान केंद्रों पर अभी तक वोटर कम ही आ रहे हैं.
वहीं समाजावादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह की सैफ़ई में चुनाव आयोग के अधिकारी से नोकझोंक हो गई. बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना है कि विवाद मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्डों की तैनाती को लेकर हुआ.
मुलायम सिंह को शक था कि ऐसा मुख्यमंत्री मायावती के कहने पर किया गया है. मुलायम सिंह मैनपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं.
पंजाब और हरियाणा में भी मतदान चल रहा है जहाँ बादल परिवार और अमरिंदर सिंह परिवार के लोग मैदान में हैं.
इस चरण में राजस्थान की सभी 25 सीटों, हरियाणा की सभी दस सीटों, दिल्ली की सभी सात सीटों के लिए मतदान हो रहा है.
चौथे चरण की सीटें
राजस्थान की 25
हरियाणा की 10
दिल्ली की सात
बिहार की तीन
पंजाब की चार
पश्चिम बंगाल की 17
उत्तर प्रदेश की 18
जम्मू-कश्मीर की एक
भारतीय चुनाव आयोग
राजस्थान में 346 प्रत्याशी, हरियाणा में 210 और दिल्ली में 160 प्रत्याशी अपने अपने नारों और वादों के साथ लोगों के फैसले की कसौटी पर हैं.
साथ ही बिहार की कुल 40 में से तीन सीटों के लिए मतदान हो रहा है. इन सीटों पर 57 प्रत्याशियों के भविष्य को मतदाता तय करने जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर की छह में से एक सीट पर मतदान है. राज्य की श्रीनगर सीट से नेशनल कांफ्रेंस के नेता फ़ारूख़ अब्दुल्ला मैदान में हैं.
पंजाब की कुल 13 में से चार सीटों पर वोट पड़ रह हैं. इन सीटों पर 79 प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दाँव पर है.
उत्तर प्रदेश की कुल 80 में से 18 सीटों और पश्चिम बंगाल की कुल 42 में से 17 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं.
चौथे चरण के पूरे होने के बाद लोकसभा की कुल 543 में से 457 सीटों के लिए मतदान पूरा हो जाएगा. अंतिम चरण का मतदान 13 मई को होना है.
भारत में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान गुरुवार सुबह सात बजे से देश के आठ राज्यों में जारी है. अभी तक मतदान धीमा ही रहा है.
चौथे चरण में लोकसभा की 85 सीटों पर चुनाव हो रहा है और 1315 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें से 119 महिलाएँ हैं.
इस चरण में जिन प्रमुख नेताओं के राजनीतिक भाग्य का फ़ैसला होगा उनमें भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव प्रमुख हैं.
इसके अलावा नेशनल कॉन्फ़्रेंस के फ़ारुक़ अब्दुल्ला (श्रीनगर), कांग्रेस के कपिल सिब्बल (चांदनी चौक), सचिन पायलट (अजमेर), शेखर सुमन और शत्रुघ्न सिन्हा (पटना साहिब), भजन लाल (हिसार), अजित सिंह (बागपत). उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एटा से समाजवादी पार्टी के समर्थन के साथ चुनाव मैदान में हैं.
पश्चिम बंगाल में हावड़ा से बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने बताया है कि वहाँ सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं और सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. मुर्शीदाबाद में हुई चुनावी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
वहीं बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा के मुताबिक सिंगूर में भी पुलिस पूरी चौकसी बरत रही है.
राजस्थान में पुलिस के मुताबिक बूथ पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे कुछ लोगों पर उसे गोली चलानी पड़ी जिसमे एक व्यक्ति की मौत हो गई.
कुछ अहम आंकड़े
दिल्ली में भी मतदान चल रहा है लेकिन गति अभी धीमी है. बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह चांदनी चौक में मौजूद हैं. उन्होंने बताया है कि गर्मी से राहत के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर पानी और शामियाने की व्यवस्था की है.
दिल्ली में प्रियंका गांधी ने सुबह-सुबह जाकर अपना वोट डाला. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
जबकि श्रीनगर में बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि वहाँ पृथकतावादी संगठनों के आह्वान के कारण मतदान केंद्रों पर अभी तक वोटर कम ही आ रहे हैं.
वहीं समाजावादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह की सैफ़ई में चुनाव आयोग के अधिकारी से नोकझोंक हो गई. बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना है कि विवाद मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्डों की तैनाती को लेकर हुआ.
मुलायम सिंह को शक था कि ऐसा मुख्यमंत्री मायावती के कहने पर किया गया है. मुलायम सिंह मैनपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं.
पंजाब और हरियाणा में भी मतदान चल रहा है जहाँ बादल परिवार और अमरिंदर सिंह परिवार के लोग मैदान में हैं.
इस चरण में राजस्थान की सभी 25 सीटों, हरियाणा की सभी दस सीटों, दिल्ली की सभी सात सीटों के लिए मतदान हो रहा है.
चौथे चरण की सीटें
राजस्थान की 25
हरियाणा की 10
दिल्ली की सात
बिहार की तीन
पंजाब की चार
पश्चिम बंगाल की 17
उत्तर प्रदेश की 18
जम्मू-कश्मीर की एक
भारतीय चुनाव आयोग
राजस्थान में 346 प्रत्याशी, हरियाणा में 210 और दिल्ली में 160 प्रत्याशी अपने अपने नारों और वादों के साथ लोगों के फैसले की कसौटी पर हैं.
साथ ही बिहार की कुल 40 में से तीन सीटों के लिए मतदान हो रहा है. इन सीटों पर 57 प्रत्याशियों के भविष्य को मतदाता तय करने जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर की छह में से एक सीट पर मतदान है. राज्य की श्रीनगर सीट से नेशनल कांफ्रेंस के नेता फ़ारूख़ अब्दुल्ला मैदान में हैं.
पंजाब की कुल 13 में से चार सीटों पर वोट पड़ रह हैं. इन सीटों पर 79 प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दाँव पर है.
उत्तर प्रदेश की कुल 80 में से 18 सीटों और पश्चिम बंगाल की कुल 42 में से 17 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं.
चौथे चरण के पूरे होने के बाद लोकसभा की कुल 543 में से 457 सीटों के लिए मतदान पूरा हो जाएगा. अंतिम चरण का मतदान 13 मई को होना है.
'अल क़ायदा के ख़िलाफ़ एकजुट हैं हम'
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अल क़ायदा के ख़ात्मे के मुद्दे पर अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान एकजुट हैं.
बराक ओबामा ने यह बात पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से बुधवार को हुई मुलाक़ात के बाद कही.
वॉशिंगटन में दिए गए वक्तव्य में बराक ओबामा ने कहा कि तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह बातचीत अभूतपूर्व रूप से सकारात्मक रही है.
साठ तालेबान लड़ाके मारे गए
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि अल क़ायदा और उसके साथी संगठनों को रोका जाए, तोड़ा जाए और हराया जाए."
साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को और अधिक संसाधनों की उपलब्धता मुहैया होगी और प्रयास किया जाएगा कि सैन्य कार्रवाइयों के दौरान आम लोग हताहत न हों.
ओबामा के इस बयान से पहले यानी पिछले कुछ दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अमरीकी सेना के सशस्त्र अभियान में कुछ आम लोगों की भी मौत हो चुकी है.
न मारे जाएं मासूम
अमरीकी राष्ट्रपति के इस बयान से पहले ही विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने आम लोगों की मौत पर बहुत गहरा खेद व्यक्त किया और कहा कि इस बात के गंभीरता से प्रयास होंगे कि सैन्य कार्रवाई के दौरान आम लोगों की जानें न जाएं.
उधर पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों में सेना और तालेबान के बीच संघर्ष जारी है. सेना तालेबान लड़ाकों के साथ मोर्चा साधे हुए है.
ओबामा की बातों और बयानों से जो मूल मतलब निकाला जा रहा है उसके मुताबिक अमरीका आने वाले समय में जहाँ अफ़ग़ानिस्तान में और अधिक सैनिकों की तैनाती का काम कर सकता है वहीं पाकिस्तान को और अधिक मदद दी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि दूसरी ओर से और अधिक हिंसा और पलटवार देखने को मिल सकते हैं पर अल क़ायदा को ख़त्म करने के लिए हमारी आपस में प्रतिबद्धता बहुत लंबे समय तक की है.
ज़रदारी और करज़ई से बातचीत के बाद ओबामा ने यह भी संकेत दिया कि दक्षिण एशिया के इस हिस्से के लिए उनके मन में और भी रणनीतियाँ हैं ताकि सैन्य और नागरिक मोर्चों को संभाला जा सके और कहा कि अमरीका पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के आम नागरिकों के साथ खड़ा है.
बराक ओबामा ने यह बात पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से बुधवार को हुई मुलाक़ात के बाद कही.
वॉशिंगटन में दिए गए वक्तव्य में बराक ओबामा ने कहा कि तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह बातचीत अभूतपूर्व रूप से सकारात्मक रही है.
साठ तालेबान लड़ाके मारे गए
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि अल क़ायदा और उसके साथी संगठनों को रोका जाए, तोड़ा जाए और हराया जाए."
साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को और अधिक संसाधनों की उपलब्धता मुहैया होगी और प्रयास किया जाएगा कि सैन्य कार्रवाइयों के दौरान आम लोग हताहत न हों.
ओबामा के इस बयान से पहले यानी पिछले कुछ दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अमरीकी सेना के सशस्त्र अभियान में कुछ आम लोगों की भी मौत हो चुकी है.
न मारे जाएं मासूम
अमरीकी राष्ट्रपति के इस बयान से पहले ही विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने आम लोगों की मौत पर बहुत गहरा खेद व्यक्त किया और कहा कि इस बात के गंभीरता से प्रयास होंगे कि सैन्य कार्रवाई के दौरान आम लोगों की जानें न जाएं.
उधर पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों में सेना और तालेबान के बीच संघर्ष जारी है. सेना तालेबान लड़ाकों के साथ मोर्चा साधे हुए है.
ओबामा की बातों और बयानों से जो मूल मतलब निकाला जा रहा है उसके मुताबिक अमरीका आने वाले समय में जहाँ अफ़ग़ानिस्तान में और अधिक सैनिकों की तैनाती का काम कर सकता है वहीं पाकिस्तान को और अधिक मदद दी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि दूसरी ओर से और अधिक हिंसा और पलटवार देखने को मिल सकते हैं पर अल क़ायदा को ख़त्म करने के लिए हमारी आपस में प्रतिबद्धता बहुत लंबे समय तक की है.
ज़रदारी और करज़ई से बातचीत के बाद ओबामा ने यह भी संकेत दिया कि दक्षिण एशिया के इस हिस्से के लिए उनके मन में और भी रणनीतियाँ हैं ताकि सैन्य और नागरिक मोर्चों को संभाला जा सके और कहा कि अमरीका पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के आम नागरिकों के साथ खड़ा है.
Thursday, April 30, 2009
रैना के आगे रॉयल्स हुए चित
सुरेश रैना को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया
सुरेश रैना की आतिशी पारी के बूते चेन्नई सुपरकिंग्स ने आईपीएल के एक मुक़ाबले में राजस्थान रॉयल्स को 38 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है.
चेन्नई की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित बीस ओवरों में पाँच विकेट पर 164 रन बनाए.
इसके जवाब में राजस्थान रॉयल्स की पूरी टीम बीसवें ओवर में 126 रन बनाकर आउट हो गई.
चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से एल बालाजी ने चार विकेट लेकर राजस्थान रॉयल्स की टीम को ज़बर्दस्त झटका दिया.
राजस्थान रॉयल्स ने लक्ष्य का पीछा शुरु किया तो शुरु में ही उसे झटके लगे. जब टीम का स्कोर नौ था तभी ग्रेम स्मिथ दो रन बनाकर मोर्केल के शिकार बने.
इसके बाद रॉब क्विनी ने 28 रनों का योगदान देकर पारी संभालने की कोशिश की लेकिन वो टिक नहीं सके और सुरेश रैना के शिकार बने.
इसके बाद सिर्फ़ रवींद्र जडेजा ही ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जम कर शॉट लगाए और 37 रन बनाए. यूसुफ़ पठान का नहीं चल पाना राजस्थान के लिए बड़ा झटका था. वो सिर्फ़ दस रन बनाकर आउट हो गए.
रैना की धमाकेदार पारी
टॉस हारकर बैटिंग करने उतरी सुपर किंग्स की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही. मैथ्यू हेडन और पार्थिव पटेल जल्दी-जल्दी आउट हो गए.
यूसुफ़ पठान आज रंग में नहीं दिखे
लेकिन उसके बाद लड़खड़ाई टीम को सुरेश रैना ने संभाला और तेज़ी से रन बनाए. रैना ने सिर्फ 55 गेंदों में 98 रनों की शानदार पारी खेली.
स्कोर में दो बड़ी साझीदारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. रैना ने पहले तीसरे विकेट के लिए बद्रीनाथ के साथ अर्धशतकीय साझीदारी की और फिर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ पांचवें विकेट के लिए नायाब 71 रन जोड़े.
धौनी 22 और मोर्कल चार रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे.
रैना और बद्रीनाथ (29) ने संयम के साथ खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े. इस साझेदारी को शेन वॉर्न ने तोड़ा.
अगले बल्लेबाज जैकब ओरम भी जल्दी चलते बने. उन्हें मुनाफ़ पटेल ने दो रन के निजी स्कोर पर पैवेलियन भेजा
सुरेश रैना की आतिशी पारी के बूते चेन्नई सुपरकिंग्स ने आईपीएल के एक मुक़ाबले में राजस्थान रॉयल्स को 38 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है.
चेन्नई की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित बीस ओवरों में पाँच विकेट पर 164 रन बनाए.
इसके जवाब में राजस्थान रॉयल्स की पूरी टीम बीसवें ओवर में 126 रन बनाकर आउट हो गई.
चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से एल बालाजी ने चार विकेट लेकर राजस्थान रॉयल्स की टीम को ज़बर्दस्त झटका दिया.
राजस्थान रॉयल्स ने लक्ष्य का पीछा शुरु किया तो शुरु में ही उसे झटके लगे. जब टीम का स्कोर नौ था तभी ग्रेम स्मिथ दो रन बनाकर मोर्केल के शिकार बने.
इसके बाद रॉब क्विनी ने 28 रनों का योगदान देकर पारी संभालने की कोशिश की लेकिन वो टिक नहीं सके और सुरेश रैना के शिकार बने.
इसके बाद सिर्फ़ रवींद्र जडेजा ही ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जम कर शॉट लगाए और 37 रन बनाए. यूसुफ़ पठान का नहीं चल पाना राजस्थान के लिए बड़ा झटका था. वो सिर्फ़ दस रन बनाकर आउट हो गए.
रैना की धमाकेदार पारी
टॉस हारकर बैटिंग करने उतरी सुपर किंग्स की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही. मैथ्यू हेडन और पार्थिव पटेल जल्दी-जल्दी आउट हो गए.
यूसुफ़ पठान आज रंग में नहीं दिखे
लेकिन उसके बाद लड़खड़ाई टीम को सुरेश रैना ने संभाला और तेज़ी से रन बनाए. रैना ने सिर्फ 55 गेंदों में 98 रनों की शानदार पारी खेली.
स्कोर में दो बड़ी साझीदारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. रैना ने पहले तीसरे विकेट के लिए बद्रीनाथ के साथ अर्धशतकीय साझीदारी की और फिर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ पांचवें विकेट के लिए नायाब 71 रन जोड़े.
धौनी 22 और मोर्कल चार रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे.
रैना और बद्रीनाथ (29) ने संयम के साथ खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े. इस साझेदारी को शेन वॉर्न ने तोड़ा.
अगले बल्लेबाज जैकब ओरम भी जल्दी चलते बने. उन्हें मुनाफ़ पटेल ने दो रन के निजी स्कोर पर पैवेलियन भेजा
ख़ुश हूँ पर संतुष्ट नहीं: बराक ओबामा
राष्ट्रपति ओबामा का कहना था कि अमरीका में अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है
अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि इस पद पर उनके शुरुआती सौ दिन कामयाब रहे हैं लेकिन अभी और बहुत कुछ करना बाक़ी है.
उन्होंने कहा, "अब तक की प्रगति से मैं प्रसन्न हूँ लेकिन संतुष्ट नहीं हूँ".
बराक ओबामा ने इस पद पर सौ दिन पूरे करने के मौक़े पर अपनी कुछ भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की.
उन्होंने पहले सेंट लुई के टाउन हॉल में एक सभा को संबोधित किया और फिर टेलीविज़न पर सीधे प्रसारित हुए एक संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा लिया.
राष्ट्रपति ओबामा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह नहीं जानते थे कि पद संभालते ही उन्हें इतनी बड़ी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ेगा.
उन्होंने कई उन अहम सवालों के जवाब दिए जिनसे उनका प्रसाशन अमरीका में और विदेश में जूझ रहा है.
मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति ओबामा की कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ इस प्रकार थीं:
• पाकिस्तान सरकार बहुत नाज़ुक मोड़ पर है लेकिन उन्हें यक़ीन है कि वहाँ का परमाणु भंडार चरमपंथियों के हाथों में नहीं जाएगा.
• इराक़ में एक के बाद एक घातक बम हमले चिंता का विषय हैं लेकिन उनकी संख्या पिछले साल के मुक़ाबले कम है.
• बुश प्रशासन के दिनों में जारी कड़ी जाँच प्रक्रिया के ख़िलाफ़ जो क़दम उठाए गए हैं उनसे आने वाले समय में अमरीका मज़बूत और अधिक सुरक्षित बनेगा.
• सरकार को मुश्किल का सामना कर रहे कार निर्माताओं क्रिसलर और जनरल मोटर्स को स्थिर करने में हर संभव सहायता देनी चाहिए लेकिन उसके बाद इस प्रक्रिया से पूरी तरह अलग हो जाना चाहिए.
• आप्रवासन के मामले पर अमरीका एक 'खंडित व्यवस्था' को जारी नहीं रख सकता बल्कि उसे इस प्रक्रिया को एक व्यापक रूप देना होगा.
बजट को मंज़ूरी
अमरीकी संसद ने ओबामा के सौ दिन पूरे होने पर 2010 के लिए एक 3.4 खरब डॉलर को मंज़ूरी दी और राष्ट्रपति का कहना था कि इससे अर्थव्यवस्था को मंदी से निकल कर सुधार के रास्ते पर जाने में मदद मिलेगी.
अब शुरुआती दौर की समाप्ति के बाद अपेक्षा की जा रही है कि राष्ट्रपति ओबामा सभी अमरीकावासियों को स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने और दुनिया भर में बढ़ते तापमान से निबटने की अपनी योजना को अमल में लाने के काम में जुट जाएँगे.
अमरीका में यह परंपरा रही है कि विश्लेषक राष्ट्रपति की शुरूआती सफलताओं और विफलताओं का जायज़ा लेने के लिए कुछ मापदंडों का इस्तेमाल करते हैं और नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि बराक ओबामा की लोकप्रियता बरक़रार है.
अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि इस पद पर उनके शुरुआती सौ दिन कामयाब रहे हैं लेकिन अभी और बहुत कुछ करना बाक़ी है.
उन्होंने कहा, "अब तक की प्रगति से मैं प्रसन्न हूँ लेकिन संतुष्ट नहीं हूँ".
बराक ओबामा ने इस पद पर सौ दिन पूरे करने के मौक़े पर अपनी कुछ भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की.
उन्होंने पहले सेंट लुई के टाउन हॉल में एक सभा को संबोधित किया और फिर टेलीविज़न पर सीधे प्रसारित हुए एक संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा लिया.
राष्ट्रपति ओबामा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह नहीं जानते थे कि पद संभालते ही उन्हें इतनी बड़ी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ेगा.
उन्होंने कई उन अहम सवालों के जवाब दिए जिनसे उनका प्रसाशन अमरीका में और विदेश में जूझ रहा है.
मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति ओबामा की कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ इस प्रकार थीं:
• पाकिस्तान सरकार बहुत नाज़ुक मोड़ पर है लेकिन उन्हें यक़ीन है कि वहाँ का परमाणु भंडार चरमपंथियों के हाथों में नहीं जाएगा.
• इराक़ में एक के बाद एक घातक बम हमले चिंता का विषय हैं लेकिन उनकी संख्या पिछले साल के मुक़ाबले कम है.
• बुश प्रशासन के दिनों में जारी कड़ी जाँच प्रक्रिया के ख़िलाफ़ जो क़दम उठाए गए हैं उनसे आने वाले समय में अमरीका मज़बूत और अधिक सुरक्षित बनेगा.
• सरकार को मुश्किल का सामना कर रहे कार निर्माताओं क्रिसलर और जनरल मोटर्स को स्थिर करने में हर संभव सहायता देनी चाहिए लेकिन उसके बाद इस प्रक्रिया से पूरी तरह अलग हो जाना चाहिए.
• आप्रवासन के मामले पर अमरीका एक 'खंडित व्यवस्था' को जारी नहीं रख सकता बल्कि उसे इस प्रक्रिया को एक व्यापक रूप देना होगा.
बजट को मंज़ूरी
अमरीकी संसद ने ओबामा के सौ दिन पूरे होने पर 2010 के लिए एक 3.4 खरब डॉलर को मंज़ूरी दी और राष्ट्रपति का कहना था कि इससे अर्थव्यवस्था को मंदी से निकल कर सुधार के रास्ते पर जाने में मदद मिलेगी.
अब शुरुआती दौर की समाप्ति के बाद अपेक्षा की जा रही है कि राष्ट्रपति ओबामा सभी अमरीकावासियों को स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने और दुनिया भर में बढ़ते तापमान से निबटने की अपनी योजना को अमल में लाने के काम में जुट जाएँगे.
अमरीका में यह परंपरा रही है कि विश्लेषक राष्ट्रपति की शुरूआती सफलताओं और विफलताओं का जायज़ा लेने के लिए कुछ मापदंडों का इस्तेमाल करते हैं और नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि बराक ओबामा की लोकप्रियता बरक़रार है.
चुनाव के तीसरे चरण में मतदान जारी
भारत में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में नौ राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 107 चुनाव क्षेत्रों पर मतदान जारी है.
पश्चिम बंगाल के परुलिया ज़िले के बिरांडी में एक मतदान केंद्र के बाहर बारूदी सुरंग का विस्फोट हुआ है जिसमें अर्धसैनिक बलों का एक जवान घायल हुए हैं. लेकिन अन्य जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है.
मध्यप्रदेश और गुजरात में अनेक जगहों पर बढ़ती गर्मी से बचने के लिए सुबह ही मतदाताओं की लंबी कतारे देखी गई हैं. लेकिन भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर और मुंबई में सुबह मतदान धीमी गति से हो रहा है.
पहले दो चरणों में कुल 543 लोकसभा सीटों में से 265 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, जो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा था.
तीसरे चरण में कुल 1567 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनमें 101 महिला उम्मीदवार हैं. इस चरण में लगभग साढ़े चौदह करोड़ मतदाता हैं और उनके लिए कुल एक लाख 65 हज़ार 112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
कहीं धीमा तो कहीं तेज़ मतदान
तीसरे चरण की सीटें
उत्तर प्रदेश की 15
बिहार की 11
गुजरात की सभी 26
मध्यप्रदेश की 16
महाराष्ट्र की 10
पश्चिम बंगाल की 14
कर्नाटक की 11
जम्मू-कश्मीर की एक
सिक्किम की एक
दादर नगर हवेली की एक
दमन एवं दीव की एक
भारतीय चुनाव आयोग
गुरुवार जिन प्रमुख नेताओं के भाग्य का फ़ैसला होना है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा शामिल हैं.
भाजपा नेता जसवंत सिंह पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग से, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सैय्यद शाहनवाज़ हुसैन बिहार के भागलपुर से, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के गुना से और केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल उत्तर प्रदेश के कानपुर से, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगरप्पा और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव भी इस चरण में अपना भाग्य आज़मा रहे हैं.
गुजरात के गांधीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता विनीत खरे के अनुसार पूरे शहर में पुख़्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. उनका कहना है कि कुछ संवेदनशील मतदान केंद्रों में तो संवाददाताओं को भी मतदान केंद्र से सौ मीटर दूर रहने को कहा गया है. सुबह मतदाताओं में उत्साह नज़र आया और पुरुषों के मुकाबले में ज़्यादा महिलाएँ मतदान केंद्रों पर नज़र आ रही हैं.
उधर अपना वोट डालने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि 'गुजरात की परंपरा के अनुसार शांतिपूर्ण मतदान होगा और गर्मी के बावजूद लोग बड़ी संख्या में वोट डालेंगे.'
गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए मतदान हो रहा है और विनीत खरे के मुताबिक वहाँ कुल 42 हज़ार 500 मतदान केंद्रों में से 6000 को संवेदनशील घोषित किया गया है और सुरक्षा बलों की 86 क्विक रेस्पॉंस टीमों को तैनात किया गया है.
उधर मुंबई में मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार मतदाताओं में सुबह तक तो कोई ज़्यादा उत्साह नहीं नज़र आया और मतदान की गति धीमी है. महाराष्ट्र में कुल 10 सीटों पर तीसरे चरण में मतदान हो रहा है. दक्षिणी मुंबई में मौजूद बीबीसी संवाददाता सुझील झा ने बताया है कि मतदान धीमी गति से हो रहा है और सुबह मतदान केंद्रों पर ज़्यादातर बुज़ुर्ग लोग वोट डालने के लिए आते देखे गए हैं. ये वही इलाक़ा है जहाँ पिछले साल नवंबर में हमले हुए थे.
बिहार में मधेपुरा मौजूद बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर ने बताया है कि कोसी इलाक़े में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है. उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोसी में आठ महीने पहले आई बाढ़ से जनता में जो गुस्सा था वह कुछ ठंडा पड़ा है.
देश में अनेक प्रांतों में भारी सुरक्षा के बीच चुनाव हो रहा है
मणिकांत ठाकुर का कहना है कि जनता दल (यू) नेता नीतीश कुमार के पक्ष में विकास के आधार पर जो प्रचार चल रहा था, उसकी प्रतिक्रिया में राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद के समर्थकों में इस चरण में कुछ एकजुटता दिखाई दी है और बिहार में तीसरे चरण में 11 सीटों पर कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है.
मध्यप्रदेश में इंदौर में मौजूद बीबीसी संवाददाता पल्लवी जैन के मुताबिक वहाँ के मालवा क्षेत्र में महिला मतदाताओं में ख़ासा उत्साह दिखाई दे रहा है. इस चरण में मध्यप्रदेश की 16 सीटों पर मतदान हो रहा है. उनके अनुसार पिछले लगभग डेढ़ दशक से राज्य के मालवा क्षेत्र में भाजपा का वर्चस्व दिखा है लेकिन पिछले विधानसभा चुनावों के बात कांग्रेस की स्थिति कुछ सुधरी है. पल्लवी जैन का कहना है कि राज्य में कोई लहर नज़र नहीं आ रही लेकिन उसका पलड़ा भारी ज़रूर दिख रहा है.
लखनऊ में मौजूद बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना था कि वहाँ कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच मतदान हो रहा है. सुरक्षा बलों के जवान कई जगहों पर गाड़ियों पर सवार होकर गश्त भी लगा रहे हैं. जब बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती अपना वोट डालने आई तो उनका कहना था, "अन्य लोगों को जो सलाह मैं दे रही थी, उसी के मुताबिक में सबसे पहले बिना चाय-नाश्ता लिए सबसे पहले अपने पार्टी के उम्मीदवार को वोट डालने आई हूँ."
पश्चिम बंगाल की 14 सीटों पर चुनाव हो रहा है. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है उत्तरी बंगाल में माओवादियों ने चुनाव बहिष्कार का आहवान किया है और स्थिति संवेदनशील है. उनके अनुसार बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कम से कम 2500 अर्धसैनिक बलों के जवान और इतने ही पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान इस क्षेत्र में तैनात हैं.
चुनाव के तीसरे चरण तक पहुँचते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत एक त्रिशंकु लोकसभा की ओर बढ़ रहा है...एनडीए, यूपीए और तीसरे मोर्चे के गठबंधनों में शामिल दल चुनावों के बाद इधर-उधर का रुख़ कर सकते हैं और आज नज़र आ रहे समीकरण चुनाव के बाद ख़ासे बदल सकते हैं
संजीव श्रीवास्तव, बीबीसी हिंदी के भारत संपादक
सुबीर भौमिक के अनुसार राज्य में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि माओवादियों ने बहिष्कार का आहवान ममता बनर्जी की त्रिणमूल कांग्रेस को मदद देने के लिए किया है. हालाँकि उनका ये भी कहना है कि यदि मतदान कम होता है तो उसका ज़्यादा फ़ायदा सीपीएम को ही होगा.
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में मौजूद बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि मतदान बहुत धीमी गति से चल रहा है और लोगों में इस बार कोई ख़ास उत्साह नज़र नहीं आ रहा. वहाँ तीसरे चरण में एक सीट पर मतदान हो रहा है.
'त्रिशंकु लोकसभा की ओर'
मुंबई में मौजूद बीबीसी हिंदी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव का आकलन है, "चुनाव के तीसरे चरण तक पहुँचते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत एक त्रिशंकु लोकसभा की ओर बढ़ रहा है. शायद ही कोई गठबंधन 272 के आंकड़े तक पहुँच पाए और स्पष्ट बहुमत हासिल कर पाए."
संजीव श्रीवास्तव का ये भी मानना है कि एनडीए, यूपीए और तीसरे मोर्चे के गठबंधनों में जो दल शामिल हैं वे चुनावों के बाद इधर-उधर का रुख़ कर सकते हैं और आज नज़र आ रहे समीकरण चुनाव के बाद ख़ासे बदले हुए नज़र आ सकते हैं.
तीसरे चरण में सिक्किम विधानसभा के लिए भी चुनाव हो रहा है जहाँ विधानसभा की कुल 32 सीटों के लिए मतदान होना है.
चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
चुनाव के पहले चरण में 16 अप्रैल को देश के 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 124 सीटों पर लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था.
दूसरे चरण में 23 अप्रैल को 12 राज्यों के 140 संसदीय क्षेत्रों में मतदान 55 फ़ीसदी मतदान हुआ था.
पश्चिम बंगाल के परुलिया ज़िले के बिरांडी में एक मतदान केंद्र के बाहर बारूदी सुरंग का विस्फोट हुआ है जिसमें अर्धसैनिक बलों का एक जवान घायल हुए हैं. लेकिन अन्य जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है.
मध्यप्रदेश और गुजरात में अनेक जगहों पर बढ़ती गर्मी से बचने के लिए सुबह ही मतदाताओं की लंबी कतारे देखी गई हैं. लेकिन भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर और मुंबई में सुबह मतदान धीमी गति से हो रहा है.
पहले दो चरणों में कुल 543 लोकसभा सीटों में से 265 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, जो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा था.
तीसरे चरण में कुल 1567 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनमें 101 महिला उम्मीदवार हैं. इस चरण में लगभग साढ़े चौदह करोड़ मतदाता हैं और उनके लिए कुल एक लाख 65 हज़ार 112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
कहीं धीमा तो कहीं तेज़ मतदान
तीसरे चरण की सीटें
उत्तर प्रदेश की 15
बिहार की 11
गुजरात की सभी 26
मध्यप्रदेश की 16
महाराष्ट्र की 10
पश्चिम बंगाल की 14
कर्नाटक की 11
जम्मू-कश्मीर की एक
सिक्किम की एक
दादर नगर हवेली की एक
दमन एवं दीव की एक
भारतीय चुनाव आयोग
गुरुवार जिन प्रमुख नेताओं के भाग्य का फ़ैसला होना है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा शामिल हैं.
भाजपा नेता जसवंत सिंह पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग से, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सैय्यद शाहनवाज़ हुसैन बिहार के भागलपुर से, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के गुना से और केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल उत्तर प्रदेश के कानपुर से, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगरप्पा और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव भी इस चरण में अपना भाग्य आज़मा रहे हैं.
गुजरात के गांधीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता विनीत खरे के अनुसार पूरे शहर में पुख़्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. उनका कहना है कि कुछ संवेदनशील मतदान केंद्रों में तो संवाददाताओं को भी मतदान केंद्र से सौ मीटर दूर रहने को कहा गया है. सुबह मतदाताओं में उत्साह नज़र आया और पुरुषों के मुकाबले में ज़्यादा महिलाएँ मतदान केंद्रों पर नज़र आ रही हैं.
उधर अपना वोट डालने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि 'गुजरात की परंपरा के अनुसार शांतिपूर्ण मतदान होगा और गर्मी के बावजूद लोग बड़ी संख्या में वोट डालेंगे.'
गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए मतदान हो रहा है और विनीत खरे के मुताबिक वहाँ कुल 42 हज़ार 500 मतदान केंद्रों में से 6000 को संवेदनशील घोषित किया गया है और सुरक्षा बलों की 86 क्विक रेस्पॉंस टीमों को तैनात किया गया है.
उधर मुंबई में मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार मतदाताओं में सुबह तक तो कोई ज़्यादा उत्साह नहीं नज़र आया और मतदान की गति धीमी है. महाराष्ट्र में कुल 10 सीटों पर तीसरे चरण में मतदान हो रहा है. दक्षिणी मुंबई में मौजूद बीबीसी संवाददाता सुझील झा ने बताया है कि मतदान धीमी गति से हो रहा है और सुबह मतदान केंद्रों पर ज़्यादातर बुज़ुर्ग लोग वोट डालने के लिए आते देखे गए हैं. ये वही इलाक़ा है जहाँ पिछले साल नवंबर में हमले हुए थे.
बिहार में मधेपुरा मौजूद बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर ने बताया है कि कोसी इलाक़े में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है. उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोसी में आठ महीने पहले आई बाढ़ से जनता में जो गुस्सा था वह कुछ ठंडा पड़ा है.
देश में अनेक प्रांतों में भारी सुरक्षा के बीच चुनाव हो रहा है
मणिकांत ठाकुर का कहना है कि जनता दल (यू) नेता नीतीश कुमार के पक्ष में विकास के आधार पर जो प्रचार चल रहा था, उसकी प्रतिक्रिया में राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद के समर्थकों में इस चरण में कुछ एकजुटता दिखाई दी है और बिहार में तीसरे चरण में 11 सीटों पर कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है.
मध्यप्रदेश में इंदौर में मौजूद बीबीसी संवाददाता पल्लवी जैन के मुताबिक वहाँ के मालवा क्षेत्र में महिला मतदाताओं में ख़ासा उत्साह दिखाई दे रहा है. इस चरण में मध्यप्रदेश की 16 सीटों पर मतदान हो रहा है. उनके अनुसार पिछले लगभग डेढ़ दशक से राज्य के मालवा क्षेत्र में भाजपा का वर्चस्व दिखा है लेकिन पिछले विधानसभा चुनावों के बात कांग्रेस की स्थिति कुछ सुधरी है. पल्लवी जैन का कहना है कि राज्य में कोई लहर नज़र नहीं आ रही लेकिन उसका पलड़ा भारी ज़रूर दिख रहा है.
लखनऊ में मौजूद बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना था कि वहाँ कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच मतदान हो रहा है. सुरक्षा बलों के जवान कई जगहों पर गाड़ियों पर सवार होकर गश्त भी लगा रहे हैं. जब बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती अपना वोट डालने आई तो उनका कहना था, "अन्य लोगों को जो सलाह मैं दे रही थी, उसी के मुताबिक में सबसे पहले बिना चाय-नाश्ता लिए सबसे पहले अपने पार्टी के उम्मीदवार को वोट डालने आई हूँ."
पश्चिम बंगाल की 14 सीटों पर चुनाव हो रहा है. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है उत्तरी बंगाल में माओवादियों ने चुनाव बहिष्कार का आहवान किया है और स्थिति संवेदनशील है. उनके अनुसार बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कम से कम 2500 अर्धसैनिक बलों के जवान और इतने ही पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान इस क्षेत्र में तैनात हैं.
चुनाव के तीसरे चरण तक पहुँचते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत एक त्रिशंकु लोकसभा की ओर बढ़ रहा है...एनडीए, यूपीए और तीसरे मोर्चे के गठबंधनों में शामिल दल चुनावों के बाद इधर-उधर का रुख़ कर सकते हैं और आज नज़र आ रहे समीकरण चुनाव के बाद ख़ासे बदल सकते हैं
संजीव श्रीवास्तव, बीबीसी हिंदी के भारत संपादक
सुबीर भौमिक के अनुसार राज्य में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि माओवादियों ने बहिष्कार का आहवान ममता बनर्जी की त्रिणमूल कांग्रेस को मदद देने के लिए किया है. हालाँकि उनका ये भी कहना है कि यदि मतदान कम होता है तो उसका ज़्यादा फ़ायदा सीपीएम को ही होगा.
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में मौजूद बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि मतदान बहुत धीमी गति से चल रहा है और लोगों में इस बार कोई ख़ास उत्साह नज़र नहीं आ रहा. वहाँ तीसरे चरण में एक सीट पर मतदान हो रहा है.
'त्रिशंकु लोकसभा की ओर'
मुंबई में मौजूद बीबीसी हिंदी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव का आकलन है, "चुनाव के तीसरे चरण तक पहुँचते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत एक त्रिशंकु लोकसभा की ओर बढ़ रहा है. शायद ही कोई गठबंधन 272 के आंकड़े तक पहुँच पाए और स्पष्ट बहुमत हासिल कर पाए."
संजीव श्रीवास्तव का ये भी मानना है कि एनडीए, यूपीए और तीसरे मोर्चे के गठबंधनों में जो दल शामिल हैं वे चुनावों के बाद इधर-उधर का रुख़ कर सकते हैं और आज नज़र आ रहे समीकरण चुनाव के बाद ख़ासे बदले हुए नज़र आ सकते हैं.
तीसरे चरण में सिक्किम विधानसभा के लिए भी चुनाव हो रहा है जहाँ विधानसभा की कुल 32 सीटों के लिए मतदान होना है.
चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
चुनाव के पहले चरण में 16 अप्रैल को देश के 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 124 सीटों पर लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था.
दूसरे चरण में 23 अप्रैल को 12 राज्यों के 140 संसदीय क्षेत्रों में मतदान 55 फ़ीसदी मतदान हुआ था.
Wednesday, April 29, 2009
'पाकिस्तानी सेना ने अहम कस्बे पर कब्ज़ा किया'
सेना ने बुनेर के आसपास सैनिक अभियान शुरु किया था
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने बुनेर ज़िले के एक अहम कस्बे पर नियंत्रण कर लिया है. मंगलवार को सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया था.
हेलीकॉप्टरों के ज़रिए सैनिकों को दागर ज़िले में पहुँचाया गया था. ये इलाक़ा राजधानी इस्लामाबाद से 100 किलोमीटर की भी कम दूरी पर है.
पाकिस्तान सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि तालेबान स्वात घाटी के बाहर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है. स्वात के ज़्यादातर हिस्सों पर पहले से ही तालेबान का कब्ज़ा है.
सेना के प्रवक्ता ने कहा, "हेलीकॉप्टरों के ज़रिए आए सैनिक ज़मीन पर तैनात सैनिकों के साथ जुड़ गए हैं."
मंगलवार दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने स्वात घाटी में अभियान शुरु किया था और चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया था.
सैन्य अभियान
जब सेना आई तो सुबह काफ़ी गोलीबारी हुई. इलाक़े में कर्फ़्यू लगा है और हमें घरों से बाहर आने की इजाज़त नहीं है. हम काफी चिंतित है.
सलीम दील खान
बुधवार को चले अभियान के दौरान हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.
दागर में रहने वाले सलीम दिल खान ने बताया, "जब सेना आई तो सुबह काफ़ी गोलीबारी हुई. इलाक़े में कर्फ़्यू लगा है और हमें घरों से बाहर आने की इजाज़त नहीं है. हम काफी चिंतित है."
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि बुनेर में करीब 500 तालेबान लड़ाके हैं जो शांति समझौते के खिलाफ़ है.
सरकार और तालेबान के बीच हुए शांति समझौते के बाद मालाकंद डिवीज़न में शरिया कानून लागू हो गया है- इसमें बुनेर, स्वात घाटी और निचला दीर इलाक़ा शामिल है. बदले में तालेबान को हथियार डालने थे.
एएफ़पी के मुताबिक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने कहा है कि दीर के निचले इलाक़े में संघर्ष ख़त्म हो गया है.
सेना के मुताबिक इसमें 75 चरमपंथी और 10 सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं.
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने बुनेर ज़िले के एक अहम कस्बे पर नियंत्रण कर लिया है. मंगलवार को सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया था.
हेलीकॉप्टरों के ज़रिए सैनिकों को दागर ज़िले में पहुँचाया गया था. ये इलाक़ा राजधानी इस्लामाबाद से 100 किलोमीटर की भी कम दूरी पर है.
पाकिस्तान सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि तालेबान स्वात घाटी के बाहर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है. स्वात के ज़्यादातर हिस्सों पर पहले से ही तालेबान का कब्ज़ा है.
सेना के प्रवक्ता ने कहा, "हेलीकॉप्टरों के ज़रिए आए सैनिक ज़मीन पर तैनात सैनिकों के साथ जुड़ गए हैं."
मंगलवार दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने स्वात घाटी में अभियान शुरु किया था और चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया था.
सैन्य अभियान
जब सेना आई तो सुबह काफ़ी गोलीबारी हुई. इलाक़े में कर्फ़्यू लगा है और हमें घरों से बाहर आने की इजाज़त नहीं है. हम काफी चिंतित है.
सलीम दील खान
बुधवार को चले अभियान के दौरान हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.
दागर में रहने वाले सलीम दिल खान ने बताया, "जब सेना आई तो सुबह काफ़ी गोलीबारी हुई. इलाक़े में कर्फ़्यू लगा है और हमें घरों से बाहर आने की इजाज़त नहीं है. हम काफी चिंतित है."
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि बुनेर में करीब 500 तालेबान लड़ाके हैं जो शांति समझौते के खिलाफ़ है.
सरकार और तालेबान के बीच हुए शांति समझौते के बाद मालाकंद डिवीज़न में शरिया कानून लागू हो गया है- इसमें बुनेर, स्वात घाटी और निचला दीर इलाक़ा शामिल है. बदले में तालेबान को हथियार डालने थे.
एएफ़पी के मुताबिक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने कहा है कि दीर के निचले इलाक़े में संघर्ष ख़त्म हो गया है.
सेना के मुताबिक इसमें 75 चरमपंथी और 10 सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं.
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